📖 संक्षिप्त परिचय: राशन कार्ड भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का आधार है। राज्य सरकारें पात्र परिवारों को यह जारी करती हैं, जिसके माध्यम से वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत रियायती दरों पर खाद्यान्न खरीद सकते हैं। भारत में ~81 करोड़ लोग लाभार्थी हैं — यह दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना है। उत्तर प्रदेश में 15 करोड़+ लाभार्थी, 3.60 करोड़ राशन कार्ड और 80,000+ FPS हैं — यह भारत का सबसे बड़ा राज्यस्तरीय PDS नेटवर्क है।
- 1. राशन कार्ड क्या है?
- 2. ऐतिहासिक विकास
- 3. NFSA 2013 — प्रावधान
- 4. राशन कार्ड के प्रकार
- 5. अखिल भारत आँकड़े
- 6. फ़र्ज़ी कार्ड सफ़ाई (राज्यवार)
- 7. FPS — राशन दुकान
- 8. खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला
- 9. ONORC — पोर्टेबिलिटी
- 10. PMGKAY — मुफ़्त अनाज
- 11. e-KYC — अनिवार्य
- 12. पात्रता (NFSA + AAY)
- 13. प्रमुख समस्याएँ
- 14. नया कार्ड कैसे बनवाएँ
- 15. डिजिटल पहलें
- 16. UP में मुख्य आँकड़े
- 17. UP में कार्ड प्रकार
- 18. UP वितरण की मात्रा
- 19. UP खाद्य एवं रसद विभाग
- 20. UP में कोटेदार
- 21. UP e-KYC की चुनौती
- 22. UP कार्ड डाउनलोड
- 23. UP में नया कार्ड
- 24. UP राशन कार्ड सूची
- 25. UP विशेष योजनाएँ
- 26. UP ज़मीनी समस्याएँ
- 27. शिकायत कहाँ करें
- 28. सुधार सुझाव
- 29. राज्य FCS पोर्टल्स
- 30. मुख्य तथ्य
- 31. FAQ
परिभाषा
- राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज़
- पात्र परिवारों को रियायती खाद्यान्न खरीदने का अधिकार देता है
- पहचान और निवास प्रमाण के रूप में भी काम करता है
- अन्य सरकारी योजनाओं (गैस कनेक्शन, स्कूल प्रवेश, पासपोर्ट, BPL योजनाएँ) के लिए भी आवश्यक
उद्देश्य
- खाद्य सुरक्षा — गरीबों तक सस्ता अनाज पहुँचाना
- भुखमरी/कुपोषण से बचाव
- महिला सशक्तीकरण — कार्ड महिला के नाम पर
- पहचान दस्तावेज़ — BPL परिवारों के लिए
- पारदर्शिता — डिजिटल MIS और आधार लिंक से
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1939 | द्वितीय विश्व युद्ध के समय अनाज राशनिंग शुरू (मुंबई) |
| 1947 | आज़ादी के बाद राशनिंग जारी |
| 1960 के दशक | PDS का आधुनिक रूप |
| 1992 | Revamped PDS (RPDS) — ग्रामीण क्षेत्रों पर फ़ोकस |
| 1997 | Targeted PDS (TPDS) — BPL/APL वर्गीकरण |
| 2000 | अंत्योदय अन्न योजना (AAY) — सबसे गरीब के लिए |
| 5 जुलाई 2013 | राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) लागू |
| 2018 | One Nation One Ration Card (ONORC) शुरू |
| 2020 | PMGKAY — कोविड के समय |
| 2024 | PMGKAY 2029 तक बढ़ाई — निःशुल्क अनाज |
| 2025-26 | e-KYC अनिवार्य, डिजिटल कार्ड 100% |
मुख्य प्रावधान
- 75% ग्रामीण + 50% शहरी जनसंख्या को कवर करने का लक्ष्य
- कुल लगभग 81 करोड़ लाभार्थी (दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य कार्यक्रम)
- कानूनी अधिकार (Legal Right) — यह अब सरकारी उदारता नहीं, हक़ है
- महिला-मुखिया प्राथमिकता — कार्ड पर परिवार की मुख्य महिला का नाम
दो प्रमुख श्रेणियाँ
(क) प्राथमिकता परिवार / Priority Household (PHH)
- प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो खाद्यान्न प्रति माह
- चावल: ₹3/किग्रा
- गेहूँ: ₹2/किग्रा
- मोटे अनाज: ₹1/किग्रा
(ख) अंत्योदय अन्न योजना (AAY)
- "गरीबों में सबसे गरीब" के लिए
- 35 किलो खाद्यान्न प्रति परिवार प्रति माह (व्यक्तिगत नहीं)
- वही रियायती दरें (₹2/₹3/₹1)
राज्य-स्तरीय योजनाएँ
- पश्चिम बंगाल: खाद्य साथी योजना (RKSY-I, RKSY-II)
- तमिलनाडु: मुफ्त चावल
- आंध्र प्रदेश / तेलंगाना: ₹1/किग्रा चावल
- ओडिशा: सम्पूर्ण खाद्य सुरक्षा
पुराने वर्गीकरण (NFSA पूर्व)
| कार्ड | रंग | पात्रता |
|---|---|---|
| APL | नीला/नारंगी | गरीबी रेखा से ऊपर |
| BPL | सफ़ेद/लाल | गरीबी रेखा से नीचे |
| AAY | पीला | अंत्योदय परिवार |
| Annapurna | हरा | असहाय बुज़ुर्ग |
NFSA (वर्तमान वर्गीकरण)
- AAY (अंत्योदय): सबसे गरीब — 35 किग्रा/परिवार/माह
- PHH (प्राथमिकता परिवार): 5 किग्रा/व्यक्ति/माह
विशेष श्रेणियाँ
- अन्नपूर्णा योजना — 65+ के असहाय बुज़ुर्ग (10 किग्रा मुफ़्त)
- PMGKAY — अतिरिक्त मुफ़्त अनाज (5 किग्रा/व्यक्ति)
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल राज्य/UT कवर | 36 (सभी) |
| कुल ज़िले | 773 |
| कुल जारी राशन कार्ड | 20.58 करोड़+ |
| कुल लाभार्थी | 80+ करोड़ |
| आधार-सीड राशन कार्ड | 92% (19.03 करोड़) |
| आधार-सीड लाभार्थी | 77.4 करोड़+ |
| मोबाइल-लिंक कार्ड | 11.47 करोड़ |
| बैंक खाते-लिंक कार्ड | 4.62 करोड़ |
| महिला-मुखिया परिवार | 16.97 करोड़ (82%+) |
| कुल FPS/राशन दुकानें | ~5.42 लाख |
| FPS में PoS मशीनें | 5.42 लाख |
| राज्य | फ़र्ज़ी कार्ड हटाए |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 93,78,789 (सर्वाधिक) |
| महाराष्ट्र | 20,37,947 |
| मध्य प्रदेश | 3,54,535 |
| हरियाणा | 2,91,926 |
| पंजाब | 2,87,474 |
| दिल्ली | 2,57,886 |
| असम | 1,70,057 |
| कुल (देशभर) | 1.29 करोड़+ |
FPS लाइसेंस पर कार्रवाइयाँ
- UP: 13,905 लाइसेंस सस्पेंड/रद्द/FIR
- केरल: 3,139
- देशभर में कुल: 19,410
FPS क्या है?
- सरकारी लाइसेंस प्राप्त निजी दुकान
- कोटेदार (Dealer) इसे चलाता है
- NFSA के तहत रियायती खाद्यान्न वितरण
- सरकार से मासिक अनाज का कोटा आवंटित
कोटेदार (FPS Dealer) की भूमिका
ज़िम्मेदारियाँ
- राशन का वितरण (नियत तिथियों पर)
- PoS मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन
- रजिस्टर रखरखाव
- स्टॉक रिपोर्टिंग
- शिकायत निवारण
- मासिक वितरण 7 दिन के भीतर (आमतौर पर महीने का पहला सप्ताह)
कोटेदार का मार्जिन (कमीशन)
- राज्य-अनुसार अलग-अलग
- प्रति क्विंटल ₹70–150 के बीच
- केंद्र सरकार प्रति व्यक्ति आधार पर भी मार्जिन देती है
आधुनिक तकनीक
- ePoS (Electronic Point of Sale) मशीन
- बायोमेट्रिक प्रमाणन (अंगूठा/IRIS)
- Aadhaar-based authentication
- SMS अलर्ट लाभार्थी को
- GPS ट्रैकिंग अनाज की
केंद्र-राज्य वित्तीय साझेदारी
- केंद्रीय खरीद: FCI द्वारा MSP पर
- केंद्रीय सब्सिडी: राज्यों को खाद्य सब्सिडी
- राज्य पूरक सब्सिडी: अधिकांश राज्य अपनी ओर से जोड़ते हैं
- कुल खाद्य सब्सिडी: ₹2 लाख करोड़+ सालाना
परिचय
- 2018 में शुरू
- उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
- लक्ष्य: राशन की पोर्टेबिलिटी — कहीं भी राशन मिले
मुख्य विशेषताएँ
- पूरे भारत में मान्य — कोई भी FPS
- आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणन
- प्रवासी मज़दूरों के लिए विशेष लाभ
- "Mera Ration" मोबाइल ऐप
- अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी (Inter-State)
- आंशिक राशन — परिवार के कुछ सदस्य यहाँ, कुछ वहाँ ले सकते हैं
कवरेज
- 36 राज्य/UT सभी लागू
- असम 36वाँ (आख़िरी) राज्य जुड़ा
- 81 करोड़ लाभार्थी लाभान्वित
- 5.42 लाख FPS में सुविधा
कैसे काम करता है?
- प्रवासी मज़दूर दूसरे राज्य में FPS पर जाता है
- अपना राशन कार्ड नंबर + आधार देता है
- PoS मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन
- उसके हिस्से का राशन (5 किग्रा/व्यक्ति) मिलता है
- बाक़ी परिवार के सदस्य मूल राज्य में अपना हिस्सा ले सकते हैं
परिचय
- कोविड-19 के समय मार्च 2020 में शुरू
- बढ़ाते-बढ़ाते अब 2029 तक जारी (घोषणा: 2024)
लाभ
- NFSA के अतिरिक्त अनाज
- 5 किग्रा/व्यक्ति/माह मुफ़्त
- AAY/PHH दोनों को
- 80+ करोड़ लोग लाभान्वित
लागत
- ₹2 लाख करोड़+ सालाना केंद्र सरकार को
- दुनिया का सबसे बड़ा मुफ़्त खाद्य कार्यक्रम
क्या है e-KYC?
- आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन
- राशन कार्ड के सभी सदस्यों के लिए अनिवार्य
- परिवार का हर व्यक्ति (बच्चों सहित) सत्यापित हो
क्यों ज़रूरी?
- फ़र्ज़ी कार्ड हटाने के लिए
- डुप्लिकेट लाभार्थी रोकने के लिए
- मृत/पलायन सदस्यों का नाम हटाने के लिए
- पारदर्शिता बढ़ाने के लिए
e-KYC के तरीक़े
(क) ऑफ़लाइन (आसान)
- नज़दीकी FPS / कोटेदार के पास जाएँ
- ePoS मशीन पर बायोमेट्रिक
- आधार कार्ड साथ ले जाएँ
- तुरंत हो जाता है
(ख) ऑनलाइन
- राज्य के FCS पोर्टल पर
- Mera Ration ऐप
- आधार + OTP / फेस ऑथेंटिकेशन
(ग) Common Service Centre (CSC)
- CSC जाकर भी करा सकते हैं
- ₹10–20 शुल्क
समय-सीमा
⚠️ 30 अप्रैल 2026 — आख़िरी तारीख़ (अनेक बार बढ़ाई गई)। न करने पर कार्ड से नाम हट जाएगा।
ख़ास चिंता — प्रवासी मज़दूरों की
- दूसरे राज्य में e-KYC नहीं होता (अपने मूल राज्य में ही होता है, दिल्ली अपवाद)
- यह एक बड़ी समस्या है प्रवासी मज़दूरों के लिए
सामान्य शर्तें (NFSA)
- भारत का स्थायी निवासी
- निम्न-आय वर्ग (राज्यानुसार अलग)
- पहले से राशन कार्ड न हो
- परिवार के सभी सदस्यों का विवरण
- आधार कार्ड अनिवार्य
राज्य-अनुसार विशिष्ट मानदंड
- आय सीमा
- भूमि/संपत्ति सीमा
- SC/ST/विधवा/दिव्यांग/वरिष्ठ नागरिक के लिए विशेष प्रावधान
AAY (अंत्योदय) की विशेष पात्रता
- भूमिहीन कृषि मज़दूर
- SC/ST परिवार
- विधवा/वरिष्ठ नागरिक प्रमुख परिवार
- दिव्यांग प्रमुख परिवार
- आदिम जनजाति
- जिन्हें परिवार में कोई कमाने वाला नहीं
(क) लाभार्थी स्तर पर
- e-KYC न कर पाने से नाम कटना — प्रवासी मज़दूरों के लिए विशेषकर
- कम मात्रा — कोटेदार द्वारा कम देना
- ग़लत अनाज — गेहूँ के बदले कुछ और
- ख़राब गुणवत्ता — कीड़े/सड़ा अनाज
- हफ़्तों देरी से वितरण
- आधार लिंक न होने से राशन रुकना
- बुज़ुर्ग/दिव्यांग के लिए बायोमेट्रिक दिक्कत
- सर्वर डाउन होने पर राशन न मिलना
- एक सदस्य की e-KYC बाक़ी होने पर पूरे परिवार का राशन अटकना
(ख) कोटेदार/FPS स्तर पर
- कम कमीशन — कई कोटेदार घाटे में
- ePoS में तकनीकी समस्याएँ
- बिजली/नेटवर्क नहीं
- स्टॉक देरी से मिलना
- काला बाज़ारी के आरोप
- दुकान छोटी/गंदी — भंडारण की समस्या
(ग) प्रशासनिक
- डेटा गड़बड़ी — नाम/सरनेम में त्रुटि
- मृत सदस्यों का नाम सालों तक
- नवजातों/विवाहित महिलाओं का नाम जोड़ने में देरी
- FCI से आपूर्ति में देरी
- खाद्यान्न की बर्बादी भंडारण में
- शिकायत निवारण धीमा
(घ) प्रणालीगत
- Exclusion Error — पात्र का नाम ही नहीं
- Inclusion Error — अपात्र को कार्ड
- "प्रधान-कोटेदार गठजोड़" के आरोप
- डिजिटल डिवाइड — बुज़ुर्गों को ऐप समझ नहीं आता
- अर्द्ध-बायोमेट्रिक विफलता — बुज़ुर्गों/मज़दूरों की उंगलियाँ घिस जाती हैं
ऑफ़लाइन प्रक्रिया
- ग्राम पंचायत/तहसील/CSC से फ़ॉर्म लें
- भरकर संलग्न दस्तावेज़:
- आधार कार्ड (सभी सदस्यों का)
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- बैंक खाता विवरण
- जमा करें आपूर्ति कार्यालय में
- 15 दिन में जाँच के बाद कार्ड जारी
- ₹100 शुल्क (कार्ड प्राप्ति पर)
ऑनलाइन प्रक्रिया
- अपने राज्य के FCS पोर्टल पर जाएँ
- नया राशन कार्ड का आवेदन चुनें
- विवरण भरें + दस्तावेज़ अपलोड
- आवेदन संख्या मिलेगी
- स्थिति ट्रैक करते रहें
"Mera Ration" मोबाइल ऐप
- Google Play / App Store पर
- 10 भाषाओं में उपलब्ध
- नज़दीकी FPS ढूँढना
- पात्रता जाँचना
- ONORC के तहत राशन लेना
- लेनदेन इतिहास
- आधार लिंक करना
अन्य डिजिटल सिस्टम
- IM-PDS Portal (Integrated Management of PDS)
- Annavitran Portal — अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी
- DFPD Dashboard — रियल-टाइम निगरानी
- DigiLocker में e-राशन कार्ड
धोखाधड़ी रोकथाम
- आधार सीडिंग से ~1.29 करोड़ फ़र्ज़ी कार्ड हटे
- ePoS से पारदर्शिता
- SMS अलर्ट लाभार्थी को
- सोशल ऑडिट व्यवस्था
| विवरण | संख्या/मान |
|---|---|
| कुल NFSA लाभार्थी | 15 करोड़+ |
| कुल राशन कार्ड | लगभग 3.60 करोड़ |
| AAY (अंत्योदय) कार्ड | ~41 लाख |
| PHH (पात्र गृहस्थी) कार्ड | ~3.19 करोड़ |
| कुल FPS (कोटेदार) | ~80,000 |
| e-KYC पूर्ण | 85% (जून 2025 तक) |
| e-KYC बाक़ी | 15% |
| फ़र्ज़ी कार्ड हटाए (2018-21) | 93.78 लाख (देश में सर्वाधिक) |
| FPS लाइसेंस पर कार्रवाई | 13,905 (देश में सर्वाधिक) |
| नोडल विभाग | खाद्य एवं रसद विभाग, UP |
(क) अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड
- सबसे गरीब परिवारों के लिए
- रंग: पीला
- कोटा: 35 किग्रा/परिवार/माह
- दर: गेहूँ ₹2/किग्रा, चावल ₹3/किग्रा
- पात्रता:
- भूमिहीन कृषि मज़दूर
- विधवा/दिव्यांग प्रमुख परिवार
- SC/ST गरीब परिवार
- कोई कमाने वाला नहीं
- आदिम जनजाति
(ख) पात्र गृहस्थी (PHH) कार्ड
- NFSA के तहत प्राथमिकता परिवार
- कोटा: 5 किग्रा/व्यक्ति/माह (3 किग्रा गेहूँ + 2 किग्रा चावल)
- दर: गेहूँ ₹2, चावल ₹3/किग्रा
(ग) APL (Above Poverty Line) कार्ड
- गरीबी रेखा से ऊपर के परिवार
- कम सब्सिडी या सिर्फ़ पहचान प्रमाण
- NFSA कोटा नहीं
(घ) BPL (Below Poverty Line) कार्ड
- पारंपरिक BPL — NFSA से पहले
- अब अधिकांश को PHH में बदल दिया गया
NFSA कोटा
| श्रेणी | गेहूँ | चावल | दर |
|---|---|---|---|
| AAY (प्रति परिवार) | 21 किग्रा | 14 किग्रा | गेहूँ ₹2, चावल ₹3/किग्रा |
| PHH (प्रति व्यक्ति) | 3 किग्रा | 2 किग्रा | गेहूँ ₹2, चावल ₹3/किग्रा |
PMGKAY (अतिरिक्त, मुफ़्त)
- 5 किग्रा/व्यक्ति/माह AAY और PHH दोनों के लिए
- कोई दाम नहीं — पूर्णतः निःशुल्क
- 2029 तक विस्तारित
कुल प्रति परिवार/व्यक्ति
- AAY परिवार (5 सदस्य): 35 किग्रा (NFSA) + 25 किग्रा (PMGKAY) = 60 किग्रा/माह
- PHH व्यक्ति: 5 किग्रा (NFSA) + 5 किग्रा (PMGKAY) = 10 किग्रा/माह
जन वितरण अन्न योजना (UP का PDS संस्करण)
- प्रति माह 12 से 28 तारीख़ के बीच वितरण
- कोटेदार को SMS से सूचना
- ePoS मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
- लाभार्थी को SMS अलर्ट
| स्तर | ज़िम्मेदार |
|---|---|
| राज्य स्तर | खाद्य एवं रसद विभाग, UP (लखनऊ) — खाद्य आयुक्त (IAS), सिविल सप्लाई कमिश्नर |
| ज़िला स्तर | ज़िला पूर्ति अधिकारी (DSO) — निगरानी, शिकायत निवारण, FPS लाइसेंस |
| क्षेत्र/तहसील स्तर | क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी (Area Supply Officer) |
| ब्लॉक स्तर | आपूर्ति निरीक्षक (SI) — FPS की दैनिक निगरानी, वितरण सत्यापन |
| गाँव स्तर | कोटेदार (FPS Dealer) — दैनिक संचालन, कमीशन आधारित |
चयन प्रक्रिया
- ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन
- चयन प्राथमिकता:
- महिला स्वयं-सहायता समूह (SHG)
- स्थानीय निवासी
- स्नातक / साक्षर
- पिछली किसी अनियमितता में शामिल न हो
- लाइसेंस DSO द्वारा जारी
कोटेदार की ज़िम्मेदारियाँ
- मासिक राशन का सुरक्षित भंडारण
- ePoS पर वितरण (बायोमेट्रिक)
- रजिस्टर रखरखाव
- SMS अलर्ट भेजना
- स्टॉक रिपोर्ट FCS पोर्टल पर
- शिकायत का त्वरित निवारण
कमीशन (मार्जिन)
- वर्तमान दर: लगभग ₹70–90/क्विंटल
- UP में मांग: ₹150–200/क्विंटल की जाए
- कई कोटेदारों का कहना — कमीशन इतना कम कि दुकान चलाना मुश्किल
कोटेदार की आय मॉडल
- राशन बिक्री कमीशन (मुख्य)
- दुकान में अन्य सामान (किराना/तेल आदि)
- अब कुछ FPS में CSC सेवा भी
अनिवार्यता
- UP में 15 करोड़+ लाभार्थियों की e-KYC अनिवार्य
- 30 जून 2025 की पहली समय-सीमा
- बाद में अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई
अब तक की प्रगति (जून 2025)
- 85% लाभार्थियों की e-KYC पूर्ण
- 15% बाक़ी — ~2.25 करोड़ लोग
- न करने पर कार्ड से नाम कटने की चेतावनी
कैसे करें?
(क) FPS पर ऑफ़लाइन
- अपने कोटेदार के पास जाएँ
- आधार कार्ड + राशन कार्ड साथ
- ePoS मशीन पर बायोमेट्रिक
- तुरंत हो जाता है
- कोई शुल्क नहीं
(ख) ऑनलाइन (fcs.up.gov.in)
- मोबाइल आधार से लिंक हो
- OTP आधारित सत्यापन
- Mera Ration ऐप से भी
(ग) CSC (Common Service Centre)
- ₹10–20 शुल्क
- बायोमेट्रिक सत्यापन
⚠️ प्रवासी मज़दूर की बड़ी समस्या: UP से बाहर रह रहे प्रवासी मज़दूरों को अपने मूल राज्य (UP) में आकर e-KYC करानी पड़ती है। वे राशन दूसरे राज्य से ले रहे हैं (ONORC) पर KYC के लिए UP आना पड़े। हेल्पलाइन नं. 1076 पर इस समस्या की शिकायत बढ़ रही है।
fcs.up.gov.in से e-Ration कार्ड
- fcs.up.gov.in पर जाएँ
- "Search in Ration Card Eligibility List" क्लिक करें
- राशन कार्ड नंबर + कैप्चा डालें
- "Get OTP to search" क्लिक करें
- आधार-लिंक्ड मोबाइल पर OTP आएगा
- OTP Verify करें
- डिजिटल राशन कार्ड डाउनलोड और प्रिंट करें
कार्ड पर उपलब्ध जानकारी
- परिवार के मुखिया का नाम
- पिता/पति का नाम
- कोटेदार का नाम
- पता और क्षेत्र
- लिंग, वार्ड नंबर, ब्लॉक
- ग्राम पंचायत, गाँव/शहर, पिन कोड
- सदस्यों की सूची
- कार्ड का प्रकार (AAY/PHH)
- राशन कार्ड नंबर
DigiLocker से भी डाउनलोड
- DigiLocker में लॉग-इन
- "Food and Civil Supplies Department, UP" खोजें
- राशन कार्ड विकल्प
- राशन कार्ड नंबर + ज़िला डालें
- डाउनलोड
Mera Ration ऐप से
- Google Play Store से डाउनलोड
- आधार से साइन-इन
- e-राशन कार्ड देखें/डाउनलोड
पात्रता
- UP का स्थायी निवासी
- पहले से राशन कार्ड न हो
- वार्षिक आय:
- शहरी: ₹3 लाख से कम
- ग्रामीण: ₹2 लाख से कम (राज्य अनुसार भिन्न)
- आधार कार्ड अनिवार्य (सभी सदस्यों के)
ऑफ़लाइन प्रक्रिया
- CSC केंद्र / तहसील से फ़ॉर्म लें (या fcs.up.gov.in से डाउनलोड)
- प्रवासी मज़दूर / ग्रामीण / शहरी का अलग-अलग फ़ॉर्म
- भरकर दस्तावेज़ संलग्न:
- आधार (सभी सदस्यों के)
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- बैंक खाता
- बिजली बिल
- तहसील कार्यालय / CSC में जमा
- 15 दिन में जाँच
- कार्ड प्राप्ति पर ₹100 शुल्क
ऑनलाइन प्रक्रिया
- fcs.up.gov.in पर जाएँ
- नया राशन कार्ड आवेदन चुनें
- विवरण भरें + दस्तावेज़ अपलोड
- आवेदन संख्या मिलेगी
- स्थिति ट्रैक करते रहें
स्थिति जाँच
- fcs.up.gov.in → "राशन कार्ड आवेदन की स्थिति"
- Reference ID / Ration ID डालें
- OTP से स्थिति देखें
चरण-दर-चरण (fcs.up.gov.in से)
- पोर्टल खोलें: fcs.up.gov.in
- "राशन कार्ड पात्रता सूची (NFSA)" पर क्लिक करें
- अपना जिला चुनें
- ब्लॉक / नगर पंचायत चुनें
- FPS / कोटेदार का नाम चुनें
- राशन कार्ड संख्या खोजें या पूरी सूची डाउनलोड करें
- अपना नाम + कार्ड विवरण देखें
मोबाइल पर
- FCS UP पोर्टल mobile-friendly है
- PDF मोबाइल में भी सेव हो जाती है
- Mera Ration ऐप से भी देख सकते हैं
(क) लोहिया ग्रामीण आवास योजना के साथ लिंक
राशन कार्ड पक्के मकान के लिए भी प्रमाण।
(ख) Family ID से लिंकिंग
- UP Family ID अब राशन कार्ड से जुड़ रहा है
- "एक परिवार, एक पहचान" की ओर
- डुप्लिकेट सदस्य रोकने में मदद
(ग) कन्या सुमंगला, छात्रवृत्ति
- राशन कार्ड प्रमाण के रूप में स्वीकार्य
- BPL परिवारों के लिए विशेष लाभ
(घ) UP मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना
- असहाय बुज़ुर्गों के लिए
- 10 किग्रा मुफ़्त अनाज
- 65+ वर्ष के निराश्रित व्यक्ति
(ङ) कोविड के दौरान UP की विशेष पहल
- मुफ़्त खाद्यान्न — लगातार कई महीने
- बिना कार्ड वालों को भी अनाज
- प्रवासी मज़दूरों को विशेष राहत
UP FPS नेटवर्क — विस्तार
- कुल FPS: ~80,000+ (भारत का सबसे बड़ा नेटवर्क)
- हर ग्राम पंचायत में औसतन 1–2 FPS
- हर नगर वार्ड में 1–2 FPS
- ePoS मशीन लगभग 100% FPS में
"Adarsh FPS" (आदर्श FPS) योजना
- कुछ जिलों में पायलट परियोजना
- बेहतर भंडारण, साफ़-सफ़ाई, डिजिटल सुविधाएँ
- ग्रामीणों के लिए बेंच, पेयजल
(क) e-KYC से जुड़ी
- प्रवासी मज़दूरों की समस्या — दूसरे राज्य से KYC नहीं
- बुज़ुर्ग/दिव्यांग को बायोमेट्रिक दिक्कत
- सर्वर डाउन होना
- मज़दूरों की घिसी उंगलियाँ — फ़िंगरप्रिंट न पढ़ना
- मोबाइल आधार से लिंक न होना
- जून 2025 तक 15% बाक़ी — ~2.25 करोड़ लोग
(ख) वितरण से जुड़ी
- कम राशन देना — कोटेदार द्वारा
- खराब अनाज — कीड़े, सड़ा गेहूँ
- वज़न में गड़बड़ी — कम तोलना
- देर से वितरण — कभी-कभी महीनों
- "स्टॉक ख़त्म" बहाना
- ePoS के नाम पर मनमानी
(ग) सिस्टम की समस्याएँ
- नवजात बच्चों के नाम जोड़ने में देरी
- मृत सदस्यों का नाम सालों तक
- विवाहित महिलाओं का नाम हटाने में देरी
- पात्र परिवार कार्ड से बाहर (Exclusion Error)
- अपात्र को कार्ड (Inclusion Error)
- जन आधार/Family ID के साथ तालमेल की कमी
(घ) कोटेदार की समस्याएँ
- कम कमीशन — दुकान चलाना घाटे का सौदा
- ePoS मशीन खराब होने पर वितरण रुकना
- स्टॉक देर से मिलना FCI से
- भंडारण की समस्या — छोटी दुकान
- बिजली कटौती से ePoS न चले
(ड) प्रशासनिक
- शिकायत निवारण धीमा — 1076 पर घंटों इंतज़ार
- DSO कार्यालय में लंबी क़तारें
- ब्लॉक स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप
- "प्रधान-कोटेदार गठजोड़" के आरोप
क्रमबद्ध प्रक्रिया (UP)
- सबसे पहले कोटेदार से बात (दुकान पर ही)
- ब्लॉक आपूर्ति निरीक्षक (SI)
- क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी
- ज़िला पूर्ति कार्यालय (DSO)
- UP CM हेल्पलाइन — 1076
- राज्य टोल-फ़्री — 1800-11-0841
- राष्ट्रीय हेल्पलाइन — 1967
उपभोक्ता शिकायत राष्ट्रीय
1800-11-0841
ऑनलाइन शिकायत
- fcs.up.gov.in पर "Online Grievance"
- cms.up.gov.in (UP CM Grievance Portal)
- nfsa.gov.in पर भी
- MyGov / PG Portal
शिकायत में क्या बताएँ
- राशन कार्ड नंबर
- कोटेदार का नाम
- दिनांक
- समस्या का विवरण
- यथासंभव सबूत (फ़ोटो, रसीद, बिल)
लाभार्थी अनुकूल
- पोर्टेबल e-KYC — किसी भी राज्य से हो
- बुज़ुर्ग/दिव्यांग के लिए घरेलू सत्यापन
- मासिक SMS अलर्ट अनिवार्य
- राशन की मात्रा/गुणवत्ता की गारंटी
- शिकायत पर 24 घंटे में उत्तर
कोटेदार/FPS
- कोटेदार का कमीशन ₹150/क्विंटल बढ़ाना
- FPS आधुनिकीकरण — बेहतर भंडारण
- प्रशिक्षण नियमित
- बीमा कोटेदारों को
प्रणालीगत
- पोषण-विविधीकरण — गेहूँ-चावल के साथ दालें, तेल
- स्थानीय अनाज (मिलेट) को शामिल करना
- फोर्टिफ़ाइड चावल (FR) का विस्तार
- कार्बन-तटस्थ PDS
- AI-आधारित धोखाधड़ी निगरानी
समावेशी
- ट्रांसजेंडर के लिए अलग कार्ड
- बेघर व्यक्तियों को विशेष कार्ड
- सड़क पर रहने वाले बच्चों की व्यवस्था
UP विशेष
- मोबाइल KYC वैन — गाँव-गाँव घूमे
- बुज़ुर्ग/दिव्यांग के लिए घरेलू KYC
- IRIS / फेस ऑथेंटिकेशन जहाँ उंगली न चले
- वज़न सही — डिजिटल स्केल अनिवार्य
- SMS अलर्ट हर लाभार्थी को
- 1076 पर 24 घंटे उत्तर
- व्हाट्सऐप शिकायत सुविधा
- QR कोड हर राशन कार्ड पर
- GPS ट्रैकिंग अनाज ढुलाई की
- वरिष्ठ नागरिक को घर तक डिलीवरी
- दाल और तेल भी PDS में
- मिलेट (ज्वार, बाजरा, रागी) जोड़ना
राष्ट्रीय
| संसाधन | लिंक / नंबर |
|---|---|
| NFSA पोर्टल | nfsa.gov.in |
| DFPD (केंद्रीय) | dfpd.gov.in |
| ONORC / Annavitran | annavitran.nic.in |
| Mera Ration ऐप | Google Play Store |
| राष्ट्रीय टोल-फ़्री | 1967 |
| उपभोक्ता शिकायत | 1800-11-0841 |
| DigiLocker | digilocker.gov.in |
राज्य FCS पोर्टल्स
| राज्य | पोर्टल |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | fcs.up.gov.in |
| बिहार | epds.bihar.gov.in |
| मध्य प्रदेश | rationmitra.nic.in |
| राजस्थान | food.rajasthan.gov.in |
| महाराष्ट्र | mahafood.gov.in |
| हरियाणा | epds.haryanafood.gov.in |
| गुजरात | dcs-dof.gujarat.gov.in |
| झारखंड | aahar.jharkhand.gov.in |
| पश्चिम बंगाल | food.wb.gov.in |
| तमिलनाडु | tnpds.gov.in |
त्वरित लिंक्स
NFSA पोर्टल UP FCS Annavitran DigiLocker UP CM Portal UP Family IDराष्ट्रीय
- मुख्य क़ानून: NFSA 2013
- कुल लाभार्थी: ~81 करोड़
- कवरेज: 75% ग्रामीण + 50% शहरी
- कुल राशन कार्ड: 20.58 करोड़+
- कुल FPS: 5.42 लाख
- आधार-सीडिंग: 92%
- फ़र्ज़ी कार्ड हटाए (2018-21): 1.29 करोड़+
- PHH कोटा: 5 किग्रा/व्यक्ति/माह
- AAY कोटा: 35 किग्रा/परिवार/माह
- गेहूँ: ₹2/किग्रा | चावल: ₹3/किग्रा | मोटा अनाज: ₹1/किग्रा
- PMGKAY: 5 किग्रा मुफ़्त 2029 तक
- ONORC: 36/36 राज्य-UT लागू
- e-KYC: 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य
- राष्ट्रीय हेल्पलाइन: 1967
उत्तर प्रदेश
- कुल लाभार्थी: 15 करोड़+
- कुल कार्ड: ~3.60 करोड़ (AAY ~41 लाख, PHH ~3.19 करोड़)
- कुल FPS: ~80,000
- e-KYC: 85% पूर्ण (जून 2025)
- फ़र्ज़ी कार्ड हटाए: 93.78 लाख (देश में सर्वाधिक)
- FPS कार्रवाई: 13,905 (देश में सर्वाधिक)
- वितरण: 12-28 तारीख़ हर माह
- पोर्टल: fcs.up.gov.in
- CM हेल्पलाइन: 1076
राशन कार्ड कौन बनवा सकता है?
भारत का स्थायी निवासी, जिसकी आय राज्य-निर्धारित सीमा से कम हो, पहले से कार्ड न हो।
UP में पात्रता क्या है?
UP का स्थायी निवासी, आय (शहरी ~₹3 लाख, ग्रामीण ~₹2 लाख), पहले से कार्ड न हो, आधार अनिवार्य।
कितना राशन मिलता है?
PHH: 5 किग्रा/व्यक्ति/माह; AAY: 35 किग्रा/परिवार/माह।
राशन का दाम क्या है?
गेहूँ ₹2, चावल ₹3, मोटा अनाज ₹1/किग्रा। PMGKAY के तहत अतिरिक्त 5 किग्रा मुफ़्त।
e-KYC कैसे कराएँ?
नज़दीकी FPS कोटेदार के पास जाएँ, आधार के साथ बायोमेट्रिक। या Mera Ration ऐप से।
कोटेदार कम राशन दे तो क्या करें?
राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1967 पर, UP में 1076 (CM Helpline) पर या 1800-11-0841 पर शिकायत।
ONORC क्या है?
One Nation One Ration Card — किसी भी राज्य के FPS से अपना राशन ले सकते हैं।
कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आधार (सभी सदस्यों के), आय प्रमाण, निवास प्रमाण, बैंक खाता, पासपोर्ट फ़ोटो।
कार्ड मिलने में कितना समय?
आवेदन के 15 दिन बाद (जाँच के बाद)।
नवजात बच्चे का नाम कैसे जुड़े?
राज्य FCS पोर्टल से "Add Member" में आवेदन, जन्म प्रमाण पत्र + आधार।
क्या एक ही व्यक्ति के दो राशन कार्ड हो सकते हैं?
नहीं, यह क़ानूनी अपराध है। डुप्लिकेट मिलने पर दोनों रद्द हो सकते हैं।
डिजिटल राशन कार्ड कैसे डाउनलोड करें?
DigiLocker में साइन-इन → राज्य FCS खोजें → राशन कार्ड नंबर डालें → डाउनलोड।
PMGKAY कब तक है?
2029 तक विस्तारित।
e-KYC न हुई तो नाम कटेगा?
हाँ, अप्रैल 2026 के बाद नाम हटाया जा सकता है।
प्रवासी मज़दूर UP के बाहर राशन कैसे लें?
ONORC के तहत दूसरे राज्य के किसी भी FPS से आधार-बायोमेट्रिक सत्यापन करके।
UP में फ़र्ज़ी कार्ड पर क्या कार्रवाई होती है?
कार्ड रद्द, FIR, कभी-कभी जुर्माना। UP में 93.78 लाख कार्ड रद्द किए गए (2018-21)।
Family ID और राशन कार्ड में क्या फ़र्क़?
Family ID UP सरकार की "एक परिवार एक पहचान" है (familyid.up.gov.in)। राशन कार्ड खाद्य सुरक्षा के लिए। अब दोनों लिंक हो रहे हैं।
कार्ड खो गया हो तो?
fcs.up.gov.in से डिजिटल कार्ड डाउनलोड करें, या तहसील कार्यालय में डुप्लिकेट के लिए आवेदन।
📞 UP Panchayat से सहायता
राशन कार्ड बनवाने, e-KYC, सदस्य जोड़ने, शिकायत में हमसे सम्पर्क करें।
💬 WhatsApp