📚 पब्लिक पुस्तकालय — जनता के लिए लाभ
पंचायतराज विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर पुस्तकालय की स्थापना एवं संचालन का प्रावधान है। भारतीय संविधान की 11वीं अनुसूची में विषय संख्या 20 — "पुस्तकालय" को पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है।
🏛️ डिजिटल लाइब्रेरी (Digital Library) — उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना की जा रही है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, ज्ञान और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिले।
🎯 पुस्तकालय के उद्देश्य
- ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा एवं साक्षरता को बढ़ावा देना
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराना
- डिजिटल साक्षरता एवं कम्प्यूटर शिक्षा का प्रसार
- बच्चों, महिलाओं एवं युवाओं को ज्ञानवर्धक सामग्री उपलब्ध कराना
- सरकारी योजनाओं एवं नियमों की जानकारी जनता तक पहुँचाना
📖 जनता को मिलने वाली सुविधाएँ
- निःशुल्क पठन-पाठन — किसी भी व्यक्ति को बिना शुल्क पुस्तकें पढ़ने की सुविधा
- प्रतियोगी परीक्षा सामग्री — UPSC, SSC, Railway, UP Board आदि की पुस्तकें
- डिजिटल सुविधा — कम्प्यूटर, इंटरनेट एवं ई-बुक्स की सुविधा
- समाचार पत्र एवं पत्रिकाएँ — दैनिक समाचार पत्र एवं मासिक पत्रिकाएँ
- बाल साहित्य — बच्चों के लिए कहानी, चित्रकथा एवं शैक्षिक पुस्तकें
- सरकारी योजना जानकारी — केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की पुस्तिकाएँ
⚙️ संचालन एवं प्रबंधन
पुस्तकालय का संचालन ग्राम पंचायत के अधीन होता है। जिला पंचायतराज अधिकारी (DPRO) के निर्देशन में डिजिटल लाइब्रेरी हेतु SOP (Standard Operating Procedure) जारी किया गया है। विस्तृत नियमों के लिए ऊपर "नियमों को पढ़ें" बटन पर क्लिक करें।
📌 नोट: प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपने क्षेत्र में पुस्तकालय की स्थापना एवं रख-रखाव सुनिश्चित करना चाहिए। इससे ग्रामीण विकास एवं शिक्षा के स्तर में सुधार होता है।