📢 महत्वपूर्ण अपडेट (दिसंबर 2025): मनरेगा अधिनियम, 2005 को अब विकसित भारत—रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 — संक्षेप में VB–G RAM G (जी राम जी) — से प्रतिस्थापित कर दिया गया है। यह विधेयक लोकसभा में 16 दिसंबर 2025 को पेश हुआ, 18–19 दिसंबर 2025 को संसद से पारित हुआ, और राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने के बाद क़ानून बन गया।
- 1. परिचय
- 2. मनरेगा → जी राम जी
- 3. VB–G RAM G के प्रावधान
- 4. पात्रता
- 5. जॉब कार्ड
- 6. जॉब कार्ड — ऑफ़लाइन आवेदन
- 7. जॉब कार्ड — UMANG से ऑनलाइन
- 8. काम की माँग और भत्ता
- 9. मज़दूरी दरें (37 राज्य)
- 10. मज़दूरी के मुख्य तथ्य
- 11. श्रमिकों के अधिकार
- 12. अनुमत कार्यों के प्रकार
- 13. जो काम अनुमत नहीं
- 14. डिजिटल पहल व ऐप्स
- 15. जॉब कार्ड स्थिति चेक
- 16. विशेष पहल — UNNATI, CFP, BFT
- 17. फंडिंग पैटर्न
- 18. आंकड़े और प्रभाव
- 19. चुनौतियाँ व विवाद
- 20. आधिकारिक लिंक्स
- 21. FAQ
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) भारत सरकार की 2005 में शुरू की गई एक ऐतिहासिक सामाजिक सुरक्षा योजना थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को, जो अकुशल शारीरिक कार्य करने को तैयार हों, एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का रोज़गार क़ानूनी रूप से सुनिश्चित करना था।
- लागू होने की तारीख़: 2 फ़रवरी 2006
- कार्यान्वयन: ग्रामीण विकास मंत्रालय (भारत सरकार)
- अनोखी पहचान: यह दुनिया का सबसे बड़ा रोज़गार गारंटी कार्यक्रम माना जाता था
- विश्व बैंक की रिपोर्ट (2014): इसे "ग्रामीण विकास का शानदार उदाहरण" बताया
पुराना नाम: MGNREGA (मनरेगा)
- क़ानून: MGNREG Act, 2005
- गारंटी: 100 दिन का रोज़गार
- फंडिंग: केंद्र द्वारा 100% मज़दूरी + 75% सामग्री लागत
नया नाम: VB–G RAM G (जी राम जी)
- पूरा नाम: विकसित भारत — रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025
- हिंदी में: विकसित भारत—जी राम जी
- गारंटी: 125 दिन का रोज़गार
- लक्ष्य: विकसित भारत @2047 के विज़न के साथ तालमेल
(क) रोज़गार गारंटी में वृद्धि
- पहले: 100 दिन प्रति परिवार प्रति वर्ष
- अब: 125 दिन प्रति परिवार प्रति वित्तीय वर्ष (25% बढ़ोतरी)
(ख) चार मुख्य कार्य क्षेत्र (थीमैटिक डोमेन)
- जल सुरक्षा (Water Security)
- ग्रामीण अवसंरचना (Rural Infrastructure)
- आजीविका से संबंधित अवसंरचना (Livelihood Infrastructure)
- अत्यधिक मौसमी आपदाओं का शमन (Mitigation of extreme weather events)
(ग) कृषि मौसम में विराम (60 दिन का Pause)
- बुवाई और कटाई के मुख्य कृषि मौसम में राज्य सरकारें कुल 60 दिन तक कार्यों को रोक सकती हैं
- उद्देश्य: किसानों को खेती के पीक सीज़न में मज़दूर मिल सकें
(घ) नया योजना ढाँचा
- Viksit Gram Panchayat Plans (VGPP) — हर ग्राम पंचायत बनाएगी
- PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान से एकीकरण
- Viksit Bharat National Rural Infrastructure Stack (VBRIS) में अपलोड
(ङ) फंडिंग पैटर्न में बदलाव
- पहले: मांग-आधारित (demand-driven), ओपन-एंडेड
- अब: नॉर्मेटिव आवंटन (normative allocation), केंद्र-राज्य साझा लागत
- केंद्र-राज्य के बीच लागत साझा होगी (पहले केंद्र 100% मज़दूरी देता था)
(च) साप्ताहिक भुगतान
- पहले: 15 दिन के चक्र में भुगतान
- अब: साप्ताहिक मज़दूरी भुगतान की परिकल्पना
कोई भी नागरिक इन शर्तों पर योजना का लाभ ले सकता है:
- नागरिकता: भारत का नागरिक होना चाहिए
- आयु: न्यूनतम 18 वर्ष (कोई ऊपरी सीमा नहीं — वरिष्ठ नागरिक भी पात्र)
- निवास: ग्रामीण क्षेत्र में निवासी
- कार्य की इच्छा: अकुशल शारीरिक कार्य करने को तैयार
- परिवार की परिभाषा: रक्त, विवाह या गोद लेने से जुड़े सदस्य जो साथ रहते हों या एक राशन कार्ड पर हों
- पात्र नहीं: नियमित वेतन पाने वाले सरकारी कर्मचारी
- विशेष: दिव्यांगजन और परित्यक्त वरिष्ठ नागरिक भी शामिल
जॉब कार्ड क्या है?
यह ग्राम पंचायत द्वारा जारी एक आधिकारिक पहचान पत्र है, जिसमें परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम, फ़ोटो, आयु और विशिष्ट जॉब कार्ड नंबर होता है। यह कार्ड KYC दस्तावेज़ के रूप में बैंक खाता खोलने में भी मान्य है।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- निवास प्रमाण
- आयु प्रमाण
- बैंक/पोस्ट ऑफिस खाते का विवरण
- मोबाइल नंबर
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/IAY/LR का विवरण, यदि लागू हो)
- अपनी ग्राम पंचायत कार्यालय जाएँ
- Form No. 1 (जॉब कार्ड आवेदन फ़ॉर्म) माँगें — मुफ़्त मिलता है
- सादे काग़ज़ पर भी आवेदन कर सकते हैं
- भरकर दस्तावेज़ों के साथ ग्राम रोज़गार सहायक (GRS) को जमा करें
- पावती (receipt) ज़रूर लें
- सत्यापन के बाद 15 दिन में जॉब कार्ड मिल जाना चाहिए
- UMANG ऐप डाउनलोड करें (Play Store से)
- मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें
- सर्च बार में "MGNREGA" टाइप करें
- "Apply for Job Card" पर क्लिक करें
- राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत, पिता/पति का नाम, राशन कार्ड नंबर भरें
- व्यक्तिगत विवरण व फ़ोटो अपलोड करें
- Reference Number मिलेगा — इसे सुरक्षित रखें
काम के लिए आवेदन
- जॉब कार्ड मिलने के बाद Form No. 6 के ज़रिए लिखित रूप में काम की माँग करें
- ग्राम पंचायत को 15 दिन के अंदर काम देना अनिवार्य है
- 15 दिन में काम न मिले तो बेरोज़गारी भत्ता पाने का क़ानूनी हक़
ℹ️ स्रोत: ग्रामीण विकास मंत्रालय की 27 मार्च 2025 की अधिसूचना (मनरेगा अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत), 1 अप्रैल 2025 से लागू।
| क्रम | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | दैनिक मज़दूरी (₹) |
|---|---|---|
| 1 | आंध्र प्रदेश | 307 |
| 2 | अरुणाचल प्रदेश | 241 |
| 3 | असम | 256 |
| 4 | बिहार | 255 |
| 5 | छत्तीसगढ़ | 261 |
| 6 | गोवा | 378 |
| 7 | गुजरात | 288 |
| 8 | हरियाणा | 400 |
| 9 | हिमाचल प्रदेश (ग़ैर-अधिसूचित क्षेत्र) | 247 |
| 10 | हिमाचल प्रदेश (अधिसूचित क्षेत्र) | 309 |
| 11 | जम्मू और कश्मीर | 272 |
| 12 | लद्दाख़ | 272 |
| 13 | झारखंड | 255 |
| 14 | कर्नाटक | 370 |
| 15 | केरल | 369 |
| 16 | मध्य प्रदेश | 261 |
| 17 | महाराष्ट्र | 312 |
| 18 | मणिपुर | 284 |
| 19 | मेघालय | 272 |
| 20 | मिज़ोरम | 281 |
| 21 | नागालैंड | 241 |
| 22 | ओडिशा | 273 |
| 23 | पंजाब | 346 |
| 24 | राजस्थान | 281 |
| 25 | सिक्किम | 259 |
| 26 | सिक्किम (ग्नाथांग, लाचुंग, लाचेन) | 389 |
| 27 | तमिलनाडु | 336 |
| 28 | तेलंगाना | 307 |
| 29 | त्रिपुरा | 256 |
| 30 | उत्तर प्रदेश | 252 |
| 31 | उत्तराखंड | 252 |
| 32 | पश्चिम बंगाल | 260 |
| 33 | अंडमान और निकोबार (अंडमान जिला) | 342 |
| 34 | अंडमान और निकोबार (निकोबार जिला) | 361 |
| 35 | दादरा व नगर हवेली, दमन व दीव | 340 |
| 36 | लक्षद्वीप | 336 |
| 37 | पुडुचेरी | 336 |
- राष्ट्रीय औसत दैनिक मज़दूरी: ₹370 (पहले ₹349)
- सबसे अधिक दर: हरियाणा — ₹400/दिन (पहली बार किसी राज्य ने ₹400 छुआ)
- सबसे कम दर: अरुणाचल प्रदेश व नागालैंड — ₹241/दिन
- राज्यों के बीच अंतर: ₹159
- दर वृद्धि की सीमा: 2.33% से 7.48% (₹7 से ₹26 प्रतिदिन)
- सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि: ओडिशा (7.48%), फिर MP व छत्तीसगढ़ (7.41%)
- सबसे कम वृद्धि (₹7): आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, तेलंगाना
- केरल में वृद्धि: ₹346 से ₹369 (₹23 की बढ़ोतरी)
ℹ️ पुरुष और महिला मज़दूरों को समान वेतन मिलता है। मज़दूरी Direct Benefit Transfer (DBT) से सीधे बैंक/पोस्ट ऑफिस खाते में जमा होती है। दरें CPI-AL (कृषि मज़दूरों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के आधार पर प्रतिवर्ष अप्रैल में संशोधित की जाती हैं।
आधिकारिक PDF: Wage Rate Notification FY 2025-26
- 15 दिन में काम का अधिकार — माँग के 15 दिन के अंदर काम मिलना चाहिए
- बेरोज़गारी भत्ता — 15 दिन में काम न मिलने पर नक़द भुगतान (पहले 30 दिन न्यूनतम मज़दूरी का 1/4, उसके बाद 1/2)
- घर के पास काम — 5 किमी के दायरे में काम
- यात्रा भत्ता — 5 किमी से दूर काम पर 10% अतिरिक्त यात्रा भत्ता
- समय पर भुगतान — काम पूरा होने के 15 दिन में बैंक खाते में मज़दूरी
- विलंब मुआवज़ा — देरी पर प्रतिदिन 0.05% अनादायी मज़दूरी का मुआवज़ा (16वें दिन से)
- कार्यस्थल पर सुविधाएँ:
- पीने का पानी
- छाँव में आराम करने की जगह
- फर्स्ट एड किट
- क्रेच (महिलाओं के बच्चों के लिए)
- दुर्घटना मुआवज़ा — कार्यस्थल पर चोट, मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर मुआवज़ा
- एक तिहाई भागीदारी महिलाओं की — क़ानूनी रूप से अनिवार्य
- सोशल ऑडिट — ग्राम सभा द्वारा कार्यों की जाँच
MGNREGA की Schedule I में 260+ अनुमत कार्य सूचीबद्ध हैं। मुख्य श्रेणियाँ:
(क) प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) से जुड़े कार्य
- जल संरक्षण: तालाब, पोखर, चेक डैम, अमृत सरोवर
- जल संचयन: कुएँ, बावड़ी, स्टॉप डैम
- सिंचाई सुविधा: नहरें, खेत की बाँध, समोच्च खाइयाँ (contour trenches)
- भूमि विकास: बंजर भूमि का पुनरुद्धार, मृदा संरक्षण
(ख) सामुदायिक अवसंरचना
- ग्रामीण सड़कें व रास्ते
- आँगनवाड़ी भवन
- पंचायत भवन
- पुल-पुलिया (culverts)
(ग) कृषि और संबद्ध कार्य
- खेत की मेड़बंदी
- कम्पोस्ट पिट
- पशु आश्रय (गौशाला, बकरी शेड, मुर्गी शेड)
- संजीवक पिट (जैविक खाद)
(घ) वानिकी व बागवानी
- वृक्षारोपण (फलदार व ग़ैर-फलदार)
- सामाजिक वानिकी
- तटबंध
(ङ) व्यक्तिगत लाभ के कार्य (SC/ST/छोटे किसानों के लिए)
- PMAY-G से जुड़े आवास निर्माण
- कुएँ (निजी भूमि पर)
- पोल्ट्री व पशु शेड
- कृषि आदान (बीज, खाद, कीटनाशक) की लागत
- खाद्यान्न, सब्ज़ी, फूलों की खेती
- घास-पत्थर हटाना जैसे असंगठित कार्य
- निजी लाभ के ग़ैर-सूचीबद्ध कार्य
महत्वपूर्ण पोर्टल व ऐप
- आधिकारिक वेबसाइट: nrega.nic.in
- UMANG ऐप — आवेदन, स्थिति ट्रैकिंग, कार्ड डाउनलोड
- NMMS (National Mobile Monitoring Software) — बायोमेट्रिक उपस्थिति
- Janmanrega ऐप — उपस्थिति, भुगतान, शिकायत निवारण (NIC द्वारा)
- NREGASoft — वेब-आधारित MIS
- GeoMGNREGA — भू-टैग की गई संपत्तियाँ सार्वजनिक
- Jaldoot ऐप — जल स्तर की निगरानी
- Yuktdhara Portal — ISRO सैटेलाइट आधारित योजना
- nrega.nic.in पर जाएँ
- "Panchayats GP/PS/ZP Login" → "Gram Panchayats" → "Generate Reports"
- अपना राज्य → जिला → ब्लॉक → पंचायत → वित्तीय वर्ष चुनें
- "R1 Job Card/Registration" में "Job Card/Employment Register" पर क्लिक करें
Project UNNATI
- मनरेगा लाभार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण
- एक वयस्क (18–45 वर्ष) प्रति परिवार को 100 दिन का प्रशिक्षण
- केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण वित्त पोषित
Cluster Facilitation Project (CFP)
- 250 आकांक्षी ब्लॉक + 50 पिछड़े ब्लॉकों पर केंद्रित
- गरीबी उन्मूलन के लिए योजनाओं का अभिसरण
Barefoot Technician (BFT)
- 2015–16 में शुरू
- स्थानीय मज़दूरों को सिविल इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण
- 20 राज्यों में लागू
अन्य प्रमुख
- अमृत सरोवर — जल संरक्षण
- Ombudsperson — शिकायत निवारण
- Kayaka Mitra (कर्नाटक) — काम खोजने की ऐप
पुरानी मनरेगा (2005)
- केंद्र सरकार: 100% अकुशल मज़दूरी + 75% सामग्री लागत + प्रशासनिक व्यय
- राज्य सरकार: 25% सामग्री लागत + बेरोज़गारी भत्ता (यदि देना पड़े)
नई VB–G RAM G (2025)
- नॉर्मेटिव आवंटन (पूर्व-निर्धारित बजट सीमा)
- केंद्र-राज्य साझा लागत (Section 22(2))
- वार्षिक बजट 2025–26: ग्रामीण विकास मंत्रालय को ₹1,90,406 करोड़
- वित्त वर्ष 2027 प्रस्तावित: मनरेगा/जी राम जी के लिए ₹90,000+ करोड़
- 12 करोड़ जॉब कार्ड अब तक जारी
- 9 करोड़ मस्टर रोल MIS पर अपलोड
- 146 लाख कार्य शुरू हुए, 60% पूर्ण
- SC/ST भागीदारी: 51% व्यक्ति-दिवस
- महिला भागीदारी: 2023–24 में 58.9% (अनिवार्य 33% से कहीं ऊपर)
- वित्त वर्ष 2024–25: 5.66 करोड़ परिवारों ने लाभ उठाया
- शुरुआत से अब तक मज़दूरी में वृद्धि: 81%
- बजट 2013–14: ₹33,000 करोड़ → 2024–25: ₹86,000 करोड़ (ऐतिहासिक उच्च)
- कम मज़दूरी दरें — राज्य न्यूनतम कृषि मज़दूरी से कम (सिक्किम में ₹241 का अंतर)
- भुगतान में देरी — ग्रामीण बैंकिंग अवसंरचना की कमी
- फंड की कमी — विशेषकर पीक सीज़न में
- CPI-AL आधारित सूचकांक — 2009 आधार वर्ष पुराना
- MIS डेटा में ग़लतियाँ
- अत्यधिक केंद्रीकरण — स्थानीय निकायों की भूमिका कम
- नई जी राम जी पर आशंकाएँ:
- महात्मा गांधी का नाम हटाने का विरोध
- मांग-आधारित से बजट-सीमित होना
- राज्यों पर अधिक वित्तीय बोझ
- 60 दिन का कृषि विराम प्रभावी कार्य अवधि घटाता है
कितने दिन काम मिलेगा?
अब 125 दिन प्रति परिवार प्रति वित्त वर्ष (पहले 100 दिन था)।
UP में दैनिक मज़दूरी कितनी है?
₹252/दिन (1 अप्रैल 2025 से)।
सबसे ज़्यादा मज़दूरी कहाँ है?
हरियाणा — ₹400/दिन (देश में सबसे अधिक)।
जॉब कार्ड कब मिलेगा?
सत्यापन के बाद 15 दिन में।
काम न मिले तो?
15 दिन में काम न मिलने पर बेरोज़गारी भत्ता पाने का क़ानूनी हक़। पहले 30 दिन न्यूनतम मज़दूरी का 1/4, उसके बाद 1/2।
क्या महिला-पुरुष को समान मज़दूरी?
हाँ, पूरी तरह समान।
आवेदन शुल्क क्या है?
कोई शुल्क नहीं — जॉब कार्ड मुफ़्त। CSC से करवाने पर नाममात्र फीस।
भुगतान कब तक मिलेगा?
काम पूरा होने के 15 दिन में बैंक खाते में। नए VB–G RAM G में साप्ताहिक भुगतान की परिकल्पना।
विलंब होने पर?
16वें दिन से प्रतिदिन 0.05% अनादायी मज़दूरी का मुआवज़ा।
क्या वरिष्ठ नागरिक पात्र हैं?
हाँ, न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, कोई ऊपरी सीमा नहीं।
PM गति शक्ति क्या है?
राष्ट्रीय मास्टर प्लान — VB–G RAM G के VGPP इसमें एकीकृत होते हैं।
Project UNNATI क्या है?
मनरेगा लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण — 100 दिन का प्रशिक्षण, केंद्र-पोषित।
📞 UP Panchayat से सहायता
जॉब कार्ड बनवाने, काम की माँग, भुगतान संबंधी मामलों में हमसे सम्पर्क करें।
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